छत्तीसगढ़बालोद

शराब पीकर वाहन चलाना पड़ा भारी

“शराब पीकर वाहन चलाना पड़ा भारी!”

(मोनिका साहू)
बालोद पुलिस की सख्त कार्रवाई: 11 मामलों में ₹1.10 लाख जुर्माना, लाइसेंस निलंबन शुरू
बालोद। जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस की सख्ती अब ज़मीन पर साफ नजर आ रही है। यातायात पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ही दिन में 11 मामलों में कुल ₹1,10,500 का जुर्माना लगाया गया।
इनमें से 10 मामले नशे में वाहन चलाने के पाए गए, जबकि एक मामला मालवाहक वाहन में अवैध रूप से सवारी ढोने का सामने आया। सभी प्रकरणों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जुर्माने की पुष्टि की गई।
कार्रवाई के दौरान एक चौंकाने वाला मामला भी सामने आया, जब एक शासकीय वाहन चालक को शराब के नशे में गाड़ी चलाते हुए पकड़ा गया। इस गंभीर लापरवाही पर उस चालक पर ₹10,000 का जुर्माना लगाया गया। इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया कि कानून सबके लिए बराबर है—चाहे आम नागरिक हो या सरकारी कर्मचारी।
यह पूरा अभियान पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी बोनीफॉस एक्का और यातायात प्रभारी निरीक्षक रविशंकर पाण्डेय के नेतृत्व में चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और लोगों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
कार्रवाई के तहत सभी दोषी वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस को 6 माह के लिए निलंबित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। साथ ही पुलिस ने चेतावनी दी है कि दोबारा शराब पीकर वाहन चलाते पकड़े जाने पर लाइसेंस स्थायी रूप से निरस्त कर दिया जाएगा।
कानूनी प्रावधानों के अनुसार, पहली बार पकड़े जाने पर ₹10,000 जुर्माना और 6 माह तक की सजा, जबकि दूसरी बार ₹15,000 जुर्माना और 2 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है।
यातायात पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी और दूसरों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नियमों का पालन करें—शराब पीकर वाहन न चलाएं, दोपहिया पर हेलमेट और चारपहिया में सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग करें, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें, नाबालिगों को वाहन न दें और सभी जरूरी दस्तावेज साथ रखें।
बालोद यातायात विभाग की सशक्त और लगातार कार्रवाई का सकारात्मक असर अब दिखाई देने लगा है।
पुलिस के इस अभियान से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आई है और आम जनता में जिम्मेदार यातायात व्यवहार को लेकर जागरूकता बढ़ी है। आने वाले समय में भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि जिले में सुरक्षित और अनुशासित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।

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