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गुरुर में अघोषित बिजली कटौती से जनता त्रस्त, कर्मचारियों के रवैये पर उठे सवाल

गुरुर में अघोषित बिजली कटौती से जनता त्रस्त, कर्मचारियों के रवैये पर उठे सवाल

गुरुर। क्षेत्र में बीते कुछ समय से रात के दौरान लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती ने आम जनता की परेशानी बढ़ा दी है। बिना पूर्व सूचना के बार-बार बिजली बंद होने से लोगों की दिनचर्या और आवश्यक कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिससे क्षेत्रवासियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
इस संबंध में भाजपा के वरिष्ठ नेता पन्नालाल साहू ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उपभोक्ताओं को सही और स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है। उन्होंने बताया कि जब विभाग के कर्मचारियों से संपर्क किया जाता है, तो वे “ऊपर से कटौती” या “लोड शेडिंग” का हवाला देकर टालमटोल करते हैं। इतना ही नहीं, संबंधित अधिकारी का नाम या संपर्क नंबर पूछने पर भी जानकारी देने से इनकार कर दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि यह स्थिति पारदर्शिता की कमी को दर्शाती है और उपभोक्ता अधिकारों के विपरीत है। आम जनता को यह जानने का अधिकार है कि बिजली कटौती कब, क्यों और कितनी देर के लिए की जा रही है।
वहीं, बिजली विभाग ने अपनी ओर से स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि मेंटेनेंस कार्य और अतिरिक्त लोड के कारण समय-समय पर बिजली आपूर्ति प्रभावित होती है। विभाग के अनुसार किसी भी लाइन को जानबूझकर बंद नहीं किया जाता, बल्कि तकनीकी कारणों से बिजली का आना-जाना लगा रहता है।
इसके बावजूद क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि अघोषित कटौती पर रोक लगाई जाए, बिजली बंद होने की पूर्व सूचना दी जाए तथा जिम्मेदार अधिकारियों के नाम और संपर्क नंबर सार्वजनिक किए जाएं। साथ ही कर्मचारियों को उपभोक्ताओं के साथ शालीन व्यवहार करने के निर्देश दिए जाएं।
क्षेत्र की जनता को उम्मीद है कि बिजली विभाग इस गंभीर समस्या का शीघ्र समाधान करेगा, ताकि लोगों को राहत मिल सके।

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