
बालोद में गूंजा “जय गोरखनाथ” का जयकारा: भव्य शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब, भक्ति और परंपरा का विराट संगम
बालोद।नाथ संप्रदाय के महान योगी गुरु गोरखनाथ जी की जयंती के अवसर पर बालोद जिले में नाथ समाज द्वारा भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया।

पूरे शहर में श्रद्धा, उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत माहौल देखने को मिला।
शोभायात्रा में बड़ी संख्या में समाज के लोग पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए और गुरु गोरखनाथ जी के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा।

नाथ संप्रदाय के प्रमुख संतों में माने जाने वाले गुरु गोरखनाथ जी ने भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में योग, साधना और तपस्या का महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने हठयोग को जन-जन तक पहुंचाया और समाज में समानता, अनुशासन व आत्मशक्ति का मार्ग दिखाया।
आज भी उनके उपदेश लाखों अनुयायियों के जीवन का मार्गदर्शन करते हैं।
बालोद में निकली इस शोभायात्रा में आकर्षक झांकियां, पारंपरिक ध्वज, ढोल-नगाड़ों की गूंज और भक्तों की आस्था ने आयोजन को विशेष बना दिया।
यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए निकली, जहाँ जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।
इस अवसर पर समाज के वरिष्ठजनों ने गुरु गोरखनाथ जी के जीवन और उनके संदेशों पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को उनके आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के अंत में सामूहिक आरती और प्रसाद वितरण किया गया।
गोरखनाथ जयंती के इस आयोजन ने बालोद में सामाजिक एकता, सांस्कृतिक परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का एक मजबूत और प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।



