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खेती चौपट करना चाहती है सरकार, अफसरों पर बिफरे किसान

खाद कटौती पर भड़के किसान, मोखा सोसायटी में जोरदार प्रदर्शन

खेती चौपट करना चाहती है सरकार, अफसरों पर बिफरे किसान

– खाद कटौती पर भड़के किसान, मोखा सोसायटी में जोरदार प्रदर्शन

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गुरुर।
बालोद जिले के विकासखंड गुरुर के अंतर्गत आने वाली आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित मोखा में खाद वितरण में कटौती को लेकर किसानों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। शासन की नई गाइडलाइन के तहत खाद की निर्धारित मात्रा घटाए जाने से नाराज किसानों ने मोखा सोसायटी पहुंचकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और क्षेत्र के पूर्व विधायक भैयाराम सिन्हा के सामने अपनी पीड़ा रखी।

किसानों ने साफ कहा कि यदि समय पर पर्याप्त खाद नहीं मिला तो इस बार खेती बर्बाद हो जाएगी और फसल उत्पादन पर गंभीर असर पड़ेगा। किसानों का आरोप है कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार उन्हें बेहद कम मात्रा में यूरिया, डीएपी और पोटाश दिया जा रहा है। खेती के सबसे महत्वपूर्ण समय में खाद की कटौती ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों का कहना है कि सरकार एक ओर कृषि उत्पादन बढ़ाने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर खाद की लिमिट तय कर किसानों को संकट में डाल रही है।

*खाद नहीं मिला तो होगा उग्र आंदोलन*
मोखा सोसायटी पहुंचे किसानों ने पूर्व व्यवस्था के अनुसार खाद वितरण बहाल करने की मांग करते हुए प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। किसानों ने कहा कि बोआई का समय नजदीक है और यदि अभी पर्याप्त खाद उपलब्ध नहीं कराया गया तो हजारों एकड़ खेती प्रभावित होगी। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

*अफसर करें खेती, हमें सिर्फ 10 क्विंटल देना*
किसान नेता नूतन किशोर साहू ने प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि किसानों के साथ मजाक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम सभी किसान अपना पूरा रकबा प्रशासन को समर्पित कर देते हैं। कलेक्टर और तहसीलदार खुद अनाज पैदा कर लें और हमें सिर्फ 10 क्विंटल अनाज जीवनयापन के लिए दे दें। अगर यही हाल रहा तो हम खेती ही नहीं करेंगे।

*किसानों को परेशान कर रहे जिले के अफसर*
किसान नेता नूतन किशोर साहू ने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन छत्तीसगढ़ की खेती को चौपट करने पर आमादा हैं। नूतन किशोर साहू ने कहा कि किसानों को पहले की तरह दो बोरी यूरिया, दो बोरी डीएपी और एक बोरी पोटाश मिलना चाहिए। ‘इतनी खाद के बिना खेती संभव नहीं है। यदि सरकार खाद उपलब्ध नहीं करा सकती तो समिति का हमारा शेयर वापस करे और बाजार में खाद बिक्री शुरू करे। हम बाहर से खरीद लेंगे, लेकिन किसानों को इस तरह परेशान करना बंद किया जाए। ‘

*खाद की नई व्यवस्था पूरी तरह अव्यवहारिक*
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने यह भी कहा कि सोसायटी में खाद वितरण की नई व्यवस्था पूरी तरह अव्यवहारिक है और इससे छोटे एवं मध्यम किसानों की हालत सबसे ज्यादा खराब हो रही है। किसानों का आरोप है कि सीमित खाद देकर प्रशासन खेती की रीढ़ तोड़ने का काम कर रहा है। इस दौरान कांग्रेस नेता शादिक अली और सुमीत राजपूत भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने किसानों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो किसानों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

*पूर्व व्यवस्था के हिसाब से मिले खाद: भैयाराम*
पूर्व विधायक भैयाराम सिन्हा ने किसानों की समस्याओं को गंभीर बताते हुए आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को शासन-प्रशासन तक मजबूती से पहुंचाया जाएगा। उन्होंने समिति प्रबंधक और अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि किसानों को खाद-बीज के लिए परेशान नहीं किया जाना चाहिए और पूर्व व्यवस्था के अनुसार पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जानी चाहिए।
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