
गोंडवाना भवन गुरूर में आदिवासी गोंडवाना सेवा समिति का वार्षिक अधिवेशन सम्पन्न
गुरूर। आदिवासी गोंडवाना सेवा समिति तहसील गुरूर का एक दिवसीय वार्षिक अधिवेशन गोंडवाना भवन गुरूर में उत्साह एवं सामाजिक एकजुटता के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ समाज के पदाधिकारियों द्वारा आदिवासी गोंड समाज के सम्मान के प्रतीक सतरंगी ध्वज के ध्वजारोहण एवं आदिशक्ति बूढ़ा देव की पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इसके पश्चात स्थानीय बस स्टैंड स्थित शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।
मुख्य मंच पर आदिवासी गोंड समाज के अंतर्गत सभी परिक्षेत्र अध्यक्षों का पीला पटका पहनाकर सम्मान किया गया। स्वागत भाषण युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष अरुण नेताम ने प्रस्तुत किया, वहीं तहसील कोषाध्यक्ष गुलेंद्र कतलाम ने समाज की वार्षिक आय-व्यय की जानकारी उपस्थित समाजजनों के समक्ष रखी।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में केशकाल विधायक एवं पूर्व आईएएस अधिकारी नीलकंठ टेकाम उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता तहसील अध्यक्ष उत्तरा मरकाम ने की। अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व विधायक भैयाराम सिन्हा, पूर्व विधायक कांकेर शिशुपाल सोरी, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के महामंत्री सुमीत राजपूत, महिला प्रभाग अध्यक्ष वीर मेला आयोजन समिति श्रीमती मंजू प्रभाकर, वीर मेला आयोजन समिति अध्यक्ष यू.आर. गंगराले, महासचिव गोंडवाना समाज बालोद कृष्ण कुमार ठाकुर, उपाध्यक्ष एच.के. कुंजाम सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि नीलकंठ टेकाम ने अपने संबोधन में कहा कि गोंड समाज पूरे देश में अपनी बहुलता और सांस्कृतिक पहचान के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि समाज शिक्षा, संस्कृति, राजनीति और आर्थिक क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है तथा समाज को एकजुट होकर अपने उत्थान के लिए कार्य करना चाहिए। उन्होंने समाज को अपने संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक होने और शिक्षा को प्राथमिकता देने पर बल दिया।
पूर्व विधायक भैयाराम सिन्हा ने कहा कि आदिवासी गोंड समाज भारत की प्राचीन एवं समृद्ध संस्कृति का संरक्षक है, जो जल, जंगल और जमीन की रक्षा में अटूट विश्वास रखता है। उन्होंने समाज को सादगी, प्रेम और एकजुटता का प्रतीक बताया।
पूर्व विधायक शिशुपाल सोरी ने कहा कि समाज की कुछ परंपराएं आज भी आर्थिक रूप से समाज को कमजोर कर रही हैं। उन्होंने समाज से समय के अनुसार बदलाव अपनाने और व्यापारिक एवं तकनीकी क्षेत्रों में आगे बढ़ने का आह्वान किया, ताकि समाज आर्थिक रूप से सशक्त बन सके। उन्होंने गुरूर समाज के संगठन को मजबूत एवं संगठित बताया।
तहसील अध्यक्ष उत्तरा मरकाम ने वार्षिक अधिवेशन में उपस्थित सभी समाजजनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज की बड़ी संख्या में उपस्थिति समाज की एकता और मजबूती का परिचायक है। उन्होंने कहा कि समाज के सहयोग से उन्हें तहसील अध्यक्ष के रूप में कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ है।
इस अवसर पर तहसील सचिव शैलेन्द्र सोरी, सहसचिव रामेश्वर ध्रुव, जिला युवा प्रभाग अध्यक्ष नागेश्वर सलाम, ऑडिटर राजू उईके, युवा प्रभाग अध्यक्ष अरुण नेताम, भुनेश्वर ठाकुर, रवि नेताम, भीमसेन पड़ोती, जनपद सदस्य अजीत कुंजाम, राधेलाल नागवंशी, बलराम गोटी, मान सिंह पोया, नवल सिंह ध्रुव, सुंदरलाल नागवंशी, संतराम नागवंशी, पी.आर. ठाकुर, नानक उईके, साधुराम कोरेटी, सखाराम कुरैटी, बल्ला कुंजाम, रामनारायण उईके, नोमेश दुग्गा सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष समाजजन उपस्थित रहे।



