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पूर्व अध्यक्ष सुचित्रा साहू ने महिला आरक्षण बिल पर सरकार को घेरा

पूर्व अध्यक्ष सुचित्रा साहू ने महिला आरक्षण बिल पर सरकार को घेरा′

(दीपक देवदास की रिपोर्ट)
गुरुर। गुंडरदेही पूर्व जनपद अध्यक्ष सुचित्रा साहू ने महिला आरक्षण को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण के नाम पर देश की महिलाओं को गुमराह कर रही है। उनका कहना है कि महिला आरक्षण विधेयक पहले ही पारित हो चुका है, लेकिन इसके क्रियान्वयन को जनगणना और परिसीमन से जोड़कर अनावश्यक रूप से टाला जा रहा है।
सुचित्रा साहू ने कहा कि यह विधेयक सितंबर 2023 में लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों से पारित हो चुका है, जिसे आधिकारिक रूप से “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” कहा जाता है। 28 सितंबर 2023 को राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह कानून बन गया, जो संविधान का 106वां संशोधन है। इसके बावजूद अब तक इसे लागू नहीं किया गया है।
उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि यदि सरकार की मंशा सही होती, तो 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में ही 33% महिला आरक्षण लागू किया जा सकता था। उनके अनुसार, सरकार बड़े मुद्दों—महंगाई, किसानों की समस्याएं, बेरोजगारी और महिला सुरक्षा—से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है।
प्रधानमंत्री के हालिया राष्ट्र संबोधन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जनता को उम्मीद थी कि महिला आरक्षण, महंगाई और अन्य गंभीर मुद्दों पर ठोस बातें होंगी, लेकिन भाषण में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप अधिक नजर आए।
इसके अलावा, उन्होंने महिलाओं से जुड़े विभिन्न मामलों—जैसे मणिपुर, हाथरस, उन्नाव और अंकिता भंडारी प्रकरण—का उल्लेख करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और कहा कि महिला सुरक्षा के मुद्दे पर ठोस कार्रवाई की जरूरत है।
अंत में उन्होंने कहा कि वह स्वयं महिला आरक्षण के पक्ष में हैं, लेकिन यह किसी एक पार्टी के हित में नहीं, बल्कि पूरे देश की महिलाओं के हित में लागू होना चाहिए।

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