छत्तीसगढ़ की राजनीति में भूचाल, FDLP का 120 किमी शक्ति प्रदर्शन

छत्तीसगढ़ की राजनीति में भूचाल, FDLP का 120 किमी शक्ति प्रदर्शन
रायपुर/छत्तीसगढ़। बुद्ध पूर्णिमा और अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर फॉरवर्ड डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी (FDLP) ने प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पार्टी ने 120 किलोमीटर लंबी विशाल रैली निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया, जिससे प्रशासनिक तंत्र में हलचल मच गई।
रैली के दौरान कार्यकर्ताओं और नेताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए शासन-प्रशासन पर कर्तव्यों की अनदेखी का आरोप लगाया। “हम भारत के लोग” के नारे के साथ पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि अधिकारी-कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का पालन नहीं करते हैं, तो जनता स्वयं आगे बढ़कर शासकीय कार्यालयों में ताले लगाने को बाध्य होगी।

भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख
FDLP ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर आक्रामक तेवर अपनाते हुए स्पष्ट किया कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी। पार्टी ने भ्रष्ट अधिकारियों के वेतन पर रोक लगाने और उनकी चल-अचल संपत्तियों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग उठाई है।
नेताओं ने भरी हुंकार
कार्यक्रम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवशंकर सिंह और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र साहू ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए आंदोलन को और तेज करने का आह्वान किया। नेताओं ने कहा कि यह लड़ाई अब केवल सड़कों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जरूरत पड़ने पर न्यायालय तक भी जाएगी।
कानूनी समर्थन भी मिला
रैली में हाईकोर्ट के कई अधिवक्ताओं की भागीदारी ने आंदोलन को कानूनी मजबूती प्रदान की। इससे यह संकेत मिला कि FDLP अब अपनी मांगों को लेकर हर स्तर पर संघर्ष के लिए तैयार है।
आंदोलन के पीछे वरिष्ठों का समर्थन
इस जनांदोलन को वरिष्ठ समाजसेवी दादा जनक लाल कामरेड और नेल्सन मंडेला अवार्ड से सम्मानित दादा शेर सिंह आँचला का समर्थन भी प्राप्त हुआ, जिससे कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ा।
आगे क्या?
120 किलोमीटर लंबी इस रैली ने यह स्पष्ट कर दिया है कि छत्तीसगढ़ में FDLP एक उभरती राजनीतिक ताकत के रूप में सामने आ रही है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस आंदोलन पर क्या रुख अपनाता है या आने वाले दिनों में यह आंदोलन और तेज होता है।



