
सालभर काम नहीं, अब ‘सुशासन तिहार’ में आवेदन लेंगे: कांग्रेस का आरोप
गुरुर।
कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष तामेश्वर साहू, वरिष्ठ नेता टोमन साहू, जितेंद्र यादव एवं केदार देवांगन ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि सालभर आम जनता के काम नहीं होते और अब “सुशासन तिहार” मनाकर आवेदन लेने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि खुद को सुशासन की सरकार बताने वाली व्यवस्था में आम नागरिक छोटे-छोटे कामों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पटवारी कार्यालय से लेकर तहसील तक नामांतरण, फौती, त्रुटि सुधार जैसे लाखों आवेदन लंबित पड़े हैं, जिनका निराकरण नहीं हो रहा। ऐसी स्थिति में लोगों को सड़क, नाली, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए भी “सुशासन तिहार” का इंतजार करना पड़ रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि वास्तव में सुशासन होता तो नियमित रूप से लोगों के काम होते, फिर इस तरह के आयोजन की जरूरत क्यों पड़ती? उनका कहना है कि यह आयोजन सरकार की विफलताओं से ध्यान भटकाने का प्रयास है। पिछले वर्ष प्राप्त आवेदनों के निराकरण पर भी सरकार को जवाब देना चाहिए।

कांग्रेस नेताओं ने आगे कहा कि प्रदेश में युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा, आत्मानंद स्कूलों में संसाधनों की कमी है, आरटीई के तहत प्रवेश में दिक्कतें आ रही हैं और सरकारी अस्पतालों की स्थिति भी चिंताजनक है। कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं।
इसके अलावा बिजली कटौती, पेयजल समस्या, शिक्षकों की कमी, व्यापारियों पर जीएसटी का दबाव, उद्योगों का बंद होना, कर्मचारियों व दिव्यांगजनों की समस्याएं, राशन वितरण में दिक्कतें और महतारी वंदन योजना में केवाईसी को लेकर हो रही परेशानी जैसे मुद्दों को भी उठाया गया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण आम जनता, किसान, मजदूर, व्यापारी और महिलाएं सभी वर्ग परेशान हैं, जबकि सरकार “सुशासन तिहार” मनाने में व्यस्त है।


