
बालोद मे शराब कोचियों” का राज, जगह जगह अवैध शराब का अड्डा
आम जनता लाइन में बेहाल, प्रशासन मौन!
बालोद। जिले में आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर अब गंभीर सवाल ही नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर नाराजगी और आक्रोश भी खुलकर सामने आने लगा है।

आरोप है कि शराब दुकानों में नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए अवैध शराब विक्रेताओं, जिन्हें स्थानीय भाषा में “कोचिये” कहा जाता है, उनको खुली छूट और प्राथमिकता दी जा रही है।
वहीं दूसरी ओर आम नागरिकों को घंटों लंबी कतारों में खड़े होकर तेज धूप, अव्यवस्था और बदहाल व्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह व्यवस्था पूरी तरह से पक्षपातपूर्ण और संदिग्ध नजर आती है। एक ओर जहां आमजन अपनी बारी का इंतजार करते हुए परेशान होते हैं, वहीं कोचिये बिना किसी रोक-टोक के बड़ी मात्रा में शराब खरीदकर आसानी से बाहर निकल जाते हैं।
इससे न केवल सरकारी व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि अवैध शराब कारोबार को भी खुला संरक्षण मिलने की आशंका गहराती जा रही है।
स्थिति तब और भयावह हो जाती है जब कई क्षेत्र से खुलेआम अवैध शराब बिक्री की खबरें सामने आती हैं। वही कई लोगो ने आरोप है कि यहां कोचिये बिना किसी डर के खुलेआम शराब बेच रहे हैं।
हैरानी की बात यह है कि इस पूरे मामले में आबकारी विभाग की भूमिका संदिग्ध और निष्क्रिय नजर आ रही है, मानो विभाग ने आंखें मूंद ली हों।
इस गंभीर मुद्दे पर चंद्रभान साहू ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए प्रशासन को चेतावनी दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि यदि जल्द ही कोचियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आबकारी विभाग की निष्क्रियता के कारण आम जनता में भारी आक्रोश है और इससे शासन-प्रशासन की छवि लगातार धूमिल हो रही है।
चंद्रभान साहू ने मांग की है कि आस पास के छेत्र सहित पूरे जिले में अवैध शराब बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही उन्होंने सरकारी शराब दुकानों की व्यवस्था को पारदर्शी, सुव्यवस्थित और आमजन के अनुकूल बनाने पर जोर दिया, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके और व्यवस्था में विश्वास बहाल हो।
बता दे कि कुछ दिन पूर्व शराब दुकान में शराब न होने से लोग अंग्रेजी दारू लेकर पीते नजर आए वही एक युवक ने खास तौर पर बताया कि हमको शराब के लिए घंटो लाईन में खड़ा होना पड़ता है तो दूसरी तरफ कोचियों को 40-45 पौवा आसानी से उपलब हो जाता है जो रोजाना सुबह शाम चौक चौराहो पर 80 रुपये का सामान 120 रुपये में बेच रहे है । ये बहुत बड़ी नाकामी साबित हो रही है आबकारी विभाग के लिए ।
फिलहाल, यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर कितनी गंभीरता से कदम उठाता है या फिर यह मुद्दा भी अन्य मामलों की तरह केवल आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रह जाएगा।



