
चन्द्रभान साहू का चेतावनी भरा हमला: एक साल बाद भी कार्रवाई नहीं, सुशासन तिहार पर उठे सवाल
कॉलेज से डेम तक सड़क बनी खतरा, महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
बालोद।सुशासन तिहार के दौरान आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन बालोद नगर में एक साल पहले दिए गए आवेदन पर अब तक कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराज़गी और प्रशासन के प्रति अविश्वास बढ़ता जा रहा है।

कॉलेज से लेकर डेम तक सड़क किनारे लगी दुकानों और अव्यवस्थित पार्किंग को लेकर स्थानीय नागरिकों ने गंभीर चिंता जताई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे दुकानों के कारण मार्ग काफी संकरा हो गया है, जिससे रोजाना कॉलेज आने-जाने वाले विद्यार्थियों को दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
वहीं शराब पीने वाले लोग सड़क पर ही अपनी गाड़ियां खड़ी कर देते हैं, जिससे यातायात और अधिक प्रभावित होता है।
नागरिकों ने बताया कि इस क्षेत्र में झूड़ीपारा की महिलाएं और बेटियां, पुलिस लाइन, जेल कॉलोनी, ऑफिसर कॉलोनी के निवासी तथा बालोद हॉस्टल की छात्राएं भी आवाजाही करती हैं।
शराब के नशे में लोग सड़क पर गाली-गलौच और हंगामा करते रहते हैं, जिससे महिलाओं, छात्राओं और आम राहगीरों को भारी असुविधा और असुरक्षा का सामना करना पड़ता है।
नगर पालिका परिषद बालोद द्वारा 05 मई 2025 को जारी पत्र में यह उल्लेख किया गया था कि सुशासन तिहार 2025 के दौरान सड़क किनारे लगी दुकानों को हटाने एवं यातायात व्यवस्था सुधारने के संबंध में आवेदन प्राप्त हुआ था।
आवेदनकर्ता द्वारा अप्रैल 2025 में शिकायत कर बताया गया था कि कुछ दुकानों और अव्यवस्थित अतिक्रमण के कारण आम जनता को परेशानी हो रही है।
पत्र में नगर पालिका ने संबंधित दुकान संचालकों को नोटिस जारी कर सड़क से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था, लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई।
इसी मुद्दे को लेकर जननायक चन्द्रभान साहू ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि इस बार भी जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
उन्होंने कहा कि जनता लंबे समय से समस्या झेल रही है, लेकिन प्रशासन केवल आश्वासन देने तक सीमित है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पिछली बार के सुशासन तिहार में केवल आवेदन लिए गए, लेकिन समाधान नहीं हुआ। इससे लोगों का भरोसा कमजोर पड़ा है।
हालांकि वर्तमान में लोगों को बालोद कलेक्टर से उम्मीद है कि इस बार पुराने लंबित आवेदनों पर गंभीरता से कार्रवाई होगी और आम जनता को राहत मिलेगी।
नगरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि पुराने आवेदनों की समीक्षा कर त्वरित कार्रवाई की जाए, ताकि सुशासन तिहार केवल औपचारिक कार्यक्रम बनकर न रह जाए, बल्कि लोगों को वास्तविक न्याय और सुविधा मिल सके।



