
रायपुर- खालसा पंथ स्थापना दिवस एवं बैसाखी पर्व के पावन अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित गुरु नानक नगर गुरुद्वारे में विशेष दीवान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ कथा-कीर्तन का आयोजन हुआ। गुरबाणी के रसपूर्ण कीर्तन के उपरांत संगत द्वारा सरबत के भले की अरदास की गई।
इस पावन अवसर पर सिख समाज के स्त्री, पुरुष, बच्चे एवं बुजुर्ग सज-धज कर गुरुद्वारे पहुंचे, माथा टेका और गुरु घर की खुशियां मनाईं। संगत ने शबद-कीर्तन एवं गुरबाणी के माध्यम से सिख इतिहास की जानकारी प्राप्त की तथा आपस में एक-दूसरे को बैसाखी की बधाई दी। कार्यक्रम के दौरान सभी ने एक साथ लंगर छककर सेवा और संगत की परंपरा को निभाया।

बैसाखी के इस अवसर पर बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। बच्चों ने गुरुद्वारों में जाकर खालसा पंथ की स्थापना का इतिहास जाना तथा सिख संस्कृति को समझा। बच्चों ने पगड़ी, दस्तार एवं दोमाला बांधकर सिख परंपरा के अनुरूप वेशभूषा धारण की और सेवा भाव से शरबत वितरण, जूते सेवा एवं लंगर वितरण में भाग लिया।
माता-पिता ने अपने बच्चों को गुरुद्वारे ले जाकर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के समक्ष माथा टेकवाकर आशीर्वाद दिलवाया तथा खालसा पंथ की स्थापना एवं सिख संस्कृति के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
छत्तीसगढ़ सिख समाज ने इस पावन पर्व पर समस्त प्रदेशवासियों एवं सिख समाज को बैसाखी की लख-लख बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
बैसाखी का पर्व सिख धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यह दिन केवल हर्ष और उल्लास का प्रतीक ही नहीं, बल्कि सिख इतिहास का स्वर्णिम अध्याय भी है। इसी दिन वर्ष 1699 में दसवें गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी, जिसने सिख समाज को नई पहचान, साहस और आत्मसम्मान का संदेश दिया। खालसा पंथ ने अन्याय एवं अत्याचार के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा दी और धर्म, मानवता तथा समानता की रक्षा का संकल्प मजबूत किया।
प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा ने बताया कि इस अवसर पर समाज के लोगों ने अपने बच्चों को खालसा पंथ की स्थापना के इतिहास से अवगत कराया और उन्हें गुरुद्वारों में ले जाकर शबद-कीर्तन एवं गुरबाणी का श्रवण कराया, ताकि नई पीढ़ी सिख इतिहास, बलिदान, देशप्रेम और सिख संस्कृति को आत्मसात कर सके।
उन्होंने सभी से आपसी प्रेम, भाईचारा एवं एकता बनाए रखने की अपील करते हुए सभी के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।
इस अवसर पर हरकिशन सिंह राजपूत, नरेंद्र सिंह हरगोत्रा, स्वर्ण सिंह चावला, कुलवंत सिंह खालसा, मनजीत सिंह भाटिया, स्वर्णपाल सिंह चावला, जागीर सिंह बावा, देवेंद्र सिंह चावला, रणजीत सिंह खनूजा, अमृत सिंह सूर, जसप्रीत सिंह चावला, इंदर पाल सिंह गांधी, गुरमीत सिंह छाबड़ा एवं मानवेंद्र सिंह डडियाला सहित समाज के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
उक्त जानकारी सुखबीर सिंह सिंघोत्रा प्रदेश अध्यक्ष छत्तीसगढ़ सिख समाज के द्वारा दी गई ।



